
Did you know your baby's brain reaches 80% of adult size by age 2 — and what you do in the first 1000 days decides the rest?
पहले 1000 दिन क्यों हैं सबसे अहम? Dr. Neha Joshi से जानें Baby Development के Expert Tips
आपके बच्चे का शुरुआती 1000 दिन बहुत अहम है। सीताराम भरतिया अस्पताल की पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट में सीनियर कंसलटेंट डॉ. नेहा जोशी ने Kiddocracy से बातचीत में विस्तार से बताया कि ये 1000 दिन क्यों है अहम और हर पेरेंट्स को होनी चाहिए इसकी जानकारी ताकि पालन पोषण में कोई लापरवाही न हो।
जन्म से 2 साल तक Brain का 80% विकास, हर मिनट बनते हैं 10 लाख Nerve Connections!
1000 दिन में 270 दिन गर्भ में बच्चे का है। फिर पहले साल का 365 दिन और फिर दूसरा साल। इस दौरान फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन सबको दिखता है, लेकिन जो नहीं दिखता वो है ब्रेन का विकास। दिमाग़ का ट्रांसफ़ॉर्मेशन। पेरेंट्स को पता होना चाहिए कि जब बच्चा जन्म लेता है तब उसका दिमाग व्यस्क के दिमाग का 50% होता है। और दूसरे जन्मदिन तक आते आते ये किसी व्यस्क के दिमाग़ का 80% अचीव कर लेता है। तेज़ी से ब्रेन फॉर्मेशन हो रहा होता है। हर एक मिनट में अराउंड 1 मिलियन नर्व कनेक्शंस बन रहे होते हैं। जो बच्चे का विकास 5 साल की उम्र तक होती है उसका अहम फाउंडेशन इस 1000 दिन को माना जा सकता है।
6 महीने तक सिर्फ Breastfeeding, फिर सही Solid Foods, बच्चे की Growth का सही Formula
गर्भ में जब बच्चा है तो माँ को न्यूट्रीशन का ख़ास तौर पर ख्याल रखना चाहिए। ताकि बेबी का नर्व सेल्स अच्छे से बने। फिर फर्स्ट ईयर ऑफ लाइफ में अगर हम अब बेबी की बात करें, तो फिजिकल फॉर्म में सिक्स मंथ्स तक सिर्फ मां का दूध, स्तनपान। इसके अलावा पानी, घुट्टी कुछ भी नहीं। एंड सिक्स मंथ्स पे बिल्कुल सही तरीके से घर का बनाया पौष्टिक खाना हम बच्चे को शुरू करें, जो कि हम उसको मां का दूध 2 साल तक दें और 6 महीने पे राइट काइंड ऑफ डाइट देके उसके न्यूट्रिशन को हम बढ़ाएं। फिजिकल न्यूट्रिशन के अलावा बहुत जरूरी है ब्रेन ग्रोथ स्टिमुलेट करना।
Five Senses से होती है Brain Stimulation, बच्चे को देखना, सुनना और महसूस करना है जरूरी
तो यह जो ब्रेन है, जब यह बच्चा बढ़ रहा है, यह अपने फाइव सेंसेज के ज़रिए दुनिया समझ रहा होता है। इनको आंखों से दिख रहा है, इनको कानों से सुनाई दे रहा है, इनको फील हो रहा है, यह टेस्ट कर रहे हैं, यह स्मेल कर रहे हैं और यह सारे सेंसेज फाइनली ब्रेन के नर्व सेल्स को स्टिमुलेट कर रहे हैं। अब जब यह ब्रेन सेल्स स्टिमुलेट हो रहे हैं, तो यह इन बच्चों को कुछ फीलिंग्स दे रहे हैं, कुछ थॉट्स दे रहे हैं, इनके बाकी के ब्रेन एरियाज को जगा रहे होते हैं ।
Tummy Time से Crawling तक, Developmental Milestones को समय पर पाने का सही तरीका
Developmental Milestones पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।अगर बच्चा लेटा है और हम उसको टमी टाइम देते हैं, तो इस एक्टिविटी से बच्चा अपना सिर उठाना सीखता है। जिस बच्चे को यह मौका मिलेगा, वो बच्चा जल्दी पलटना सीखेगा। जो बच्चा जल्दी पलटेगा, वो जल्दी बच्चा बैठना सीखेगा। तो यह बच्चा जब समय से बैठेगा, तो यह पौष्टिक आहार भी अच्छे से खाएगा। जो बच्चा बैठेगा और उसको उसको क्रॉल करने का टाइम मिलेगा, वही बच्चा आगे होके खड़ा होगा। तो जितना उसको मौका मिलेगा, जितना उसको चांस मिलेगा और जितने लोग उसके साथ इंटरैक्ट करेंगे, बात करेंगे, एंगेज करेंगे, उतना उसके बोलने की इच्छा आएगी। तो यह डेवलपमेंटली स्टिमुलेटरी माहौल देना एक बच्चे को बहुत-बहुत इंपॉर्टेंट है।
Mobile छोड़ें, बच्चे से जुड़ें, सजग पेरेंटिंग ही है Baby के बेहतर भविष्य की नींव
घर के माहौल से लेकर क्या क्या एक्टिविटीज बच्चों के साथ पैरेंट्स को करनी चाहिए ताकि गलती से भी कोई गलती न हो पाये। बच्चे का पालन पोषण का कोई शोर्ट कट नहीं। ये समय माँगता है। मोबाइल, टीवी छोड़कर बच्चों के साथ एक्टिविटी में लगें। जब ब्रेन का विकास इतनी तेज़ी से इस उम्र में हो रहा होता है तो समझिए कि बच्चा आपको देख भी रहा है। सुन और समझ भी रहा है और उसकी एक समझ भी बन रही है। आप अगर एक सजग माता पिता हैं तो यकीन मानिए Kiddocracy के परिमल कुमार के साथ डॉक्टर नेहा जोशी की ये बातचीत आपके वाक़ई मतलब की है।