u/Swayamm-3522

तारा
▲ 3 r/u_Swayamm-3522+1 crossposts

तारा

अक्सर एक तारा चांद के साथ चलता है!

जुगनू की फिदरत वाला वो,

सितारों की बाहें छोड़ निकलता है,

जब क़रीब चांद के होता है तो,

बेशुमार हो बेवख्त धड़कता है...

तोड़ कर मर्यादा आसमानों की,

जब वो वक्त से पहले दरीचा

खोल निकलता है,

अक्सर एक तारा चांद के साथ चलता है!

जिसके प्रेम का आंचल ओढ़,

चांद भी मेहफूज निकलता है,

कैसा बन गया है वो बैरागी,

जो अपने ही बस्ती से बैर करता है,

है अपनी मुनव्वर का पर्दानशी वो,

और खुद को चांदनी का चर्बा बताता है,

*मुनव्वर–रौशनी *चर्बा– नक़ल

अक्सर एक तारा चांद के साथ चलता है!

सजावट को सितारे, श्रृंगार को ओस की

बूंदे लगाता है,

वो फसलों की गोद में इश्क बिछाता है,

इस्तक़बाल में बना देता है वो,

जमीं पर निगाहों को पायदान, *इस्तक़बाल:– स्वागत

और जिस क़दर वो दरबान बना रहता है,

मानो रूखसार पर कोई तिल बिठा रखता है..

*रूखसार:–गाल

अक्सर एक तारा चांद के साथ चलता है!

u/Swayamm-3522 — 1 day ago
▲ 9 r/shayri

क्या मैं बन सकती हूं ?

बंजारन

u/Swayamm-3522 — 4 days ago
▲ 14 r/shayri

काठ की लड़की पर लेटी किससे कहूंगी, ला दे मेरे पन्नो का ढेर...

u/Swayamm-3522 — 5 days ago
▲ 11 r/shayri

परिपक्व

वे लोग जो कहते है की मैने खुद को छोटे उम्र से ही परिपक्व (mature) बना लिया है अक्सर वो खुद ये बात नही जानते है कि...

जिस पर्दे को उन्होंने परिपक्व (maturity) का नाम देकर अपने बचपने के सामने लगाया है, वो उनके बचपने को अवलंबन (सहारा) दिए हैं। 

इसलिए ये कहना लाज़मी नही है कि, वे परिपक्व (mature) दिखते है और उनके अंदर के बचपने (childish) का कोई डेरा नहीं! अक्सर उन्ही लोगों के पास ओरो से कई ज्यादा लड़कपन गिरिफ़त होता है, जिसे उन्होंने कैद करते–करते एक अपराध बना लिया है!!

कि छोटे ही कदमों में हम, उम्र का ताल–मेल समझ बैठे...

खुद को निकाल रस के प्याले से, मदिरा का स्वाद समझ बैठे...

तजकर पीठ खिलौनों की, खुद को अक़्ल-मंद व तमाम गर्द समझ बैठे...

*तजकर:—त्याग कर।        गर्द:— धूल  

रगड़ पत्थरों से पैरो की नरमी, एड़ियो के दरारों को मशक्कत   समझ बैठे...

*मशक्कत— मेहनत

जिन आंचल में तन को छुपाए था मैं, उस मृदुता में नमक का स्वाद समझ बैठे...

*मृदुता— कोमलता

बहुत गुरुर था कभी अपने रंगो पर, अब धूप के सावले पन की  बात समझ बैठे...

तोड़कर शीशा लड़कपनो का, ग़ारत आईने के खोखलेपन को परिपक्व समझ बैठे...

*ग़ारत:– बरबाद।         *परिपक्व:– mature 

u/Swayamm-3522 — 7 days ago
▲ 15 r/shayri

क्या मेरा रुक जाना सही था!!?

मैं अपने कदम पीछे ले रही थी यह सोच कर कि वो जानता है कि मुझे उस जैसे की जरूरत है, मगर उसने कहा "मुझे तुम्हारी जरूरत है" उसने कहा कि उसे मेरी जरूरत है। ये सुन कर फिर मैंने कदम पीछे नहीं किए मगर आगे भी नहीं बरहाए। मैं बस वही खड़ी रही, मैं उसे बस अपने पास आते देखती रही, मैं बस अपने जैसे को अपने पास आते देखती रही....

I was stepping back, thinking that he knew I needed someone like him. But then he said, 'I need you'—he said that he needed me. Hearing this, I didn't step back, but I did not move forward either, I just kept lying there, I kept watching him coming towards me, I kept watching someone like me coming towards me...

u/Swayamm-3522 — 9 days ago
▲ 2 r/u_Swayamm-3522+1 crossposts

मैं प्रेम में नही हूं, मगर मुझे एहसास है की प्रेम मुझमें है!

प्रेम, जब प्रेम के अक्षर पूर्ण होते होंगे तब शायद ये आसमां इतना ऊंचा नहीं होता होगा। कभी किसी समय के दरमियां, ज़मीं और आसमां का दरमियां मिट जाता होगा, नदियों के दो किनारे आपस में घुलते जरूर होंगे, हवाएँ जुल्फों को छूकर रुकती जरूर होगी, सागर किनारे अंधेरों की गहराइयों में अकेला बेबश खड़ा चांद किसी के इंतजार में पिघलता नहीं होगा और शायद! शायद जब प्रेम के अक्षर पूर्ण होते होंगे तब अपने हाथों के गर्माहटों को मैंने उसके हाथों के शीतलता से मिलाया जरूर होगा। सीमाओं का तजावुज़ कर मैं हम दोनों के इस इम्तियाज़ को खत्म कर देती और मिलने देती मैं रूस के ओइमियाकॉन को ईरान के दश्त-ए-लूत से।

मैं कभी–कभी सोचती हूं कि जब प्रेम बनाया जा रहा होगा, तब प्रेम का अधूरा अक्षर झर कर मुझ पर गिर गया होगा। प्रेम के "प" का अधूरा कण मेरे सीने पर अपने नुकीले हिस्से को चुभोया करता है। जब भी मैं अपने कलमों से "प्रेम" लिखती हूं, मेरा रोम–रोम प्रेम की मिट्टी से सन जाता है मगर फिर भी मैं प्रेम के दलदल में डूब जाना चाहती हूं।

इस क़दर तलबगार हो गई है वो मेरे सीने से निकल कर अपने प्रेम से मिलने को, की वो खुद को पिघला कर मेरे अंदर मीठा ज़हर घोल रहा है। वो चाहता है या तो मैं उसे प्रेम मूरत बना दूं या फिर वो मेरा अस्तित्व मिटा कर मुझे प्रेम दर्पण बना देगा।

reddit.com
u/Swayamm-3522 — 10 days ago