
का रउआ सभे "बनारस आंदोलन" के बारे में सुनले बानी? भोजपुरी खातिर ई सबसे सफल सांस्कृतिक अभियान/पहल रहे। ई कहानी हर भोजपुरी बोले वाला के जानल जरूरी बा! (A Story Every Bhojpuri Speaker Should Know)
आज एगो रोचक बात पढ़े के मिलल। 1960 के दसक में बनारस से भोजपुरी भासा आ साहित्य के बढ़ावे खातिर एगो बड़ सांस्कृतिक अभियान सुरू भइल, जेकरा के बाद में "बनारस आंदोलन" कहल गइल।
एह आंदोलन के मकसद भोजपुरी बोले वाला लोगन के एकजुट कइल रहे।
आज हमनी के सोशल मीडिया पर भोजपुरी के बढ़ावे के बात करेनीं , बाकिर 60 बरिस पहिले लोग बिना इंटरनेट के एह तरह के "नेटवर्किंग" कऽ के भोजपुरी खातिर मजगूत आधार तईयार क देले रहे।
>
रउआ का सोचत बानी?
- का आज के समय में एह तरह के आंदोलन फेर से सुरू हो सकेला?
- सोशल मीडिया ए काम में कइसन भूमिका निभा सकेला?
- रउआ इलाका में भोजपुरी साहित्य से जुड़ल कवनो संस्था, गोष्ठी भा कार्यक्रम होला?
चरचा जरूर करीं। 🙏🌾