
This was the most Friday Night Dinner among all the Friday Night Dinner
So chaotic, so fun, so Gilmore-coded!!
(S6, 13)

So chaotic, so fun, so Gilmore-coded!!
(S6, 13)
This scene from Season 4, episode 21 was hilarious.
Well, I HATE liz so much.
Hillow everyone!
I was wondering what's your favourite episode title? We have millllions of creative episode titles in our beloved show, but what's your favourite one so far?
Lemme know :)
His house was gorgeous and vibrant!
Although Jimmy is a shitty dad and a self-absorbed loser
hillow everyone!
यह उपन्यास एक ऐसे युवा की कहानी है, जो दुनिया की भीड़ में रहते हुए भी अपने भीतर अकेला है। यह कहानी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस ‘मैं’ की है जो कभी न कभी हम सबके भीतर जन्म लेता है। छत का एक कमरा, उसकी बालकनी, डायरी और उसमें दर्ज होते विचार, यही उसके संसार के सबसे करीब हैं।
वह समाज की बनाई सफलता की परिभाषाओं, रिश्तों की उलझनों और अपनी असफलताओं को अपनी ही नजर से देखता है।कभी वह खुद को निकम्मा समझता है, तो कभी महसूस करता है कि शायद उसने जीवन की वही दौड़ चुनी ही नहीं, जिसमें दुनिया जीतना चाहती है।
बाजार के छोटे-छोटे किरदारों से लेकर माँ की डाँट और प्यार तक, उसके लिए हर इंसान अपने भीतर एक कहानी लिए चलता है| यहाँ यात्रा केवल शहर की नहीं, बल्कि अपने भीतर की भी है।किताब बार-बार पूछती है, क्या परीक्षा में असफल होना जीवन में असफल होना है?या फिर असली सफलता अपने भीतर के इंसान को बचाए रखने में है?
छत वाले कमरे का ‘मैं’ अंततः खुद को खोजने, समझने और स्वीकार करने की उस यात्रा का नाम है, जिसमें शायद पाठक को भी कहीं अपना ‘मैं’ दिखाई दे जाए।
have you read this book? what are your thoughts?
hillow everyone :)
1948 का यह उपन्यास प्रमुख रूप से अलौकिक अम्बपाली के इर्द गिर्द घूमता है जिसमें वैशाली के एक अभिशप्त कानून, जिसे अम्बपाली धिक्कृत क़ानून बोलती है, अम्बपाली को नगरवधू बना दिया जाता है|
यह कहानी केवल अम्बपाली पर नहीं है, अपितु गणराज्य और साम्राज्य की भिन्नता, शैव, बौद्ध और जैन धर्म की उत्थान और उनका समाज और जाति पर प्रभाव, उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों जैसे मगध, कौशाम्बी, कलिंग, गांधार आदि उनके आपसी, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक व व्यावसायिक संबंधों का विस्तारपूर्वक विवरण हैं|
यदि आप इतिहास को पढ़ना या जीना चाहते है तो यह किताब ज़रूर पढ़े| इसे पढ़कर आपके दिमाग में एक प्रतिमा बन जायेगी और आप इसकी कल्पना एक धारावाहिक की तरह कर सकते हैं|
यह उपन्यास की शैली कठिन लेकिन अत्यंत मनोहर है, क्योंकि इसमें ऐसे शब्दों का उपयोग किया गया है जिनका प्रयोग आधुनिक समय में नहीं होता है| लेखक का हर वाक्य विस्तृत है जिसमें लेखक का निष्णात लेखन साफ़ झलकता है|
यह किताब सच में हिंदी साहित्य का हीरा है जैसा कि आचार्य चतुरसेन ने स्वयं कहा है कि, "मेरी अब तक की सारी रचनाओं को रद्द करता हूँ और ‘वैशाली की नगरवधू’ को अपनी एकमात्र रचना घोषित करता हूँ।"
have you read this book? let me know your thoughts
hillow everyone :)
It’s a humorous diary entry by Charles Pooter that spans over 15 months. He is an ordinary clerk in London with an ordinary life who lives with his wife Carrie. His two close friends, Gowing and Cummings and his son Lupin are a few other characters in his simple life.
The title is apt because Charles is a 'nobody'; he is an unremarkable man with an insignificant life.
His daily occurrences are Charles congratulating himself on his jokes (he mentions how they're so funny and how more people should appreciate his humour), his obsession with promotion at his job, mentioning even the most trivial things about his life in the diary, him being a mentor to his son, dilly-dallying with his friends, and his ability to be prone to accidents.
This book is a description of simple characters explained with dry humour, in which nothing much happens, but it's still a classic read.
have you read this book? what are your thoughts, let me know :)
hillow everyone :)
टोपी शुक्ला 'टोपी' नाम के व्यक्ति पर है, अब उसका नाम टोपी ही क्यूँ पड़ा यह भी एक मजाकिया घटना है।
अपने जीवन के दौरान टोपी अपनी पहचान को लेकर संकट में रहता है। बचपन में इस हिन्दू बालक की भेंट इफ़्फ़न नाम के एक मुस्लिम लड़के से होती है और परिवार से कुंठित 'टोपी' इफ़्फ़न से अभेद्य रिश्ता बना बैठता है।
यह उपन्यास टोपी की जीवनी की तरह लिखी हुई है(यह बात लेखक बहुत बार हमें याद दिलाते है।) और खासकर हिन्दू-मुस्लिम, भारत से विभाजित होकर पाकिस्तान बनना, टोपी का घर के द्वारा उपेक्षित होना, उसकी हर स्पृहा का खंडन होने पर मुख्यतः केंद्रित है।
टोपी कोई हीरो नहीं है(यह बात भी लेखक हमें बताते रहते है।) वह निरंतर अपने दृष्टिकोण पर सवाल उठाता है और इसकी वजह से उसकी नोक-झोंक हर किसी से चलती रहती है।
उपन्यास में अनेक प्रसंग हैं जो आपको हँसी का तड़का देंगे(टोपी और साइकिल का रिश्ता, उसकी दादी से रिश्ता आदि) और बहुत बार आपको सोचने पर मजबूर भी कर देंगे।1968 की यह उपन्यास बहुत विनोदी है लेकिन कई बार यह गंभीर भी हो जाती है, लेखक द्वारा यह संतुलन सराहनीय है।
पैदा तो केवल बच्चे होते है। मरते-मरते वह हिन्दू , मुसलमान, ईसाई, नास्तिक, हिंदुस्तानी, पाकिस्तानी,गोरे, काले और जाने क्या-क्या हो जाते हैं।
- उपन्यास की एक लाइन(दूसरा अध्याय)
have you read this book yet? what are your thoughts on this book? let me know :)
hillow everyone :)
पचपन खंभे लाल दिवारें एक बहुत खूबसूरत उपन्यास है जो कि एक ३३ वर्षीय सुषमा नाम की औरत के इर्द-गिर्द है जो दिल्ली के एक कॉलेज में काम करती है| सुषमा बहुत कर्मठ और ईमानदार है| वह अपने घर की अकेली अन्नदाता है और उस पर अनेक जिम्मेदारियाँ है| इन जिम्मेदारियों में वह इतना उलझ जाती है कि वह स्वयं के सुख दुख का त्याग कर देती है|
यकायक उसकी भेंट नील नाम के युवक से होती है जो उसकी ख़ुश्क जीवन को रंगीन बनाता है पर यह समाज बहुत निर्दय है, रीतियाँ और सही-गलत के नाम पर यह मृगतृष्णा सुषमा को जकड़ लेता है, उस से भी ज्यादा बंधन में रखती है इस दोगले समाज को चलाने वाले अन्य अनभिज्ञ प्रताड़ित किरदार|
लिखा तो यह उपन्यास 1961 में था परंतु यह उपन्यास सुषमा जैसी अनेक स्त्रियों की दुर्दशा कहता है जो खेद जनक इन पचपन खंभे और लाल दिवारों में कैद हो रखी है और इन बेड़ियों से स्वच्छंद होना चाहती हैं|
It’s my first time writing a review that too in Hindi!
Have you read this book yet? Give it a try and drop your opinions :)
I have flight at 6am, so what are the ways to get to the airport early? will we get cabs early this morning? also, what about safety?
Hillow everyone :)
This is a quick(not so quick) sketch I made of Bojack. I am not very good with ball pens though. Have a look and any feedback is appreciated!
(It gets easier<3)
hillow folks :)
I have subscribed to almost 40 people(free version) but my 'reads' section is empty! Why am I not able to see those subscriptions? Can someone explain please!