
भरबीतन (बउना) शब्द के उत्पत्ति |
आज 2-3 गो ठेठ भोजपुरी गीत सुनत रहनी, आ ओहमें बार-बार “भरबीतन बा चाची”, “भरबीतना” जइसन शब्द सुनाई देत रहे। जिज्ञासा भइल कि आखिर ई “भरबीतन” के ह?
थोड़ा खोजनी त पता चलल कि भरबीतन एगो ऐतिहासिक/लोककथा के पात्र हउवें—कद में बहुत छोट, बाकिर बुद्धि आ हिम्मत में बहुत बड़।
कहानी के हिसाब से भरबीतन एगो गरीब विधवा माई के एकलौता बेटा रहन। जनम के समये उनका पिता के निधन हो गइल रहे। ऊ बस करीब एक बित्ता भर के रहन, एही से उनका नाम भरबीतन पड़ल।
बाद में एगो घमंडी राजा गाँव के गरीब लोग आ भरबीतन के माई के धन-दउलत आ मवेशी छीन लिहलस। भरबीतन राजा से लड़ल जाए खातिर महल निकल पड़लन। रास्ता में अपना बुद्धि से भंवरा, मेंढक, साँप आ आग जइसन अनोखा साथी जुटा लिहलन।
राजा उनका छोट कद के मजाक उड़वले आ अलग-अलग कोठरी में बंद कर के मारल चाहलस। बाकिर भरबीतन के बुद्धि आ उनका साथी सभ के मदद से राजा के हर चाल उल्टा पड़ गइल। आखिरकार राजा हार मान के भरबीतन के माई आ गाँव के सारा धन-मवेशी वापस कर देलस।
पूरा कहानी इहाँ पढ़ल जा सकेला: https://jogira.com/bhojpuri-kahani-bherbitan/?amp=1
हमरा त सबसे रोचक बात ई लागल कि “भरबीतन” जइसन शब्द आजो भोजपुरी गीतन में जिन्दा बा, बाकिर ओकरा पीछे के कहानी आ अर्थ धीरे-धीरे लोग के याद से मिटत जा रहल बा।
भोजपुरी के अइसन ठेठ शब्द खाली शब्द ना हउवें—ई हमनी के लोककथा, इतिहास आ संस्कृति के टुकड़ा हउवें। दुख के बात बा कि धीरे-धीरे अइसन बहुते शब्द विलुप्त होखत जा रहल बा।
अगर रउआ लोग में केहू भरबीतन के कहानी, लोकगीत, या एह शब्द के अउरी स्थानीय अर्थ जानत होखीं त जरूर बताईं। 🙏
धन्यवाद।