सिर्फ मेरे लिए आना
अगली बार जब तुम आओ
तो हवाओं को भी खबर ना हो
कि तुम मेरे शहर में हो
चाँद को भी अंदाज़ा ना लगे
कि मेरी रातों का नूर लौट आया है
कुछ मत लाना साथ अपने
ना फूल
ना लफ़्ज़
ना कोई महंगा सा तोहफ़ा
बस अपनी धड़कन ले आना
जो मेरी धड़कन के पास बैठ कर
अपना घर ढूंढ ले
दुनिया को बाहर ही छोड़ देना
ज़िम्मेदारियों को थोड़ी देर के लिए
इंतज़ार करने देना
और मेरी तरफ यूँ चलना
जैसे दरिया समुंदर की तरफ चलता है
बिना डर
बिना रुकावट
सिर्फ मिलने की ज़िद में
मेरे सामने बैठना
इतना पास कि साँसें उलझ जाएँ
इतना करीब कि ख़ामोशी भी
शर्मा कर झुक जाए
और बातें बेकार लगने लगें
मुझे तुम्हारी आवाज़ से ज़्यादा
तुम्हारी नज़दीकियाँ चाहिए
मुझे तुम्हारी बातों से ज़्यादा
तुम्हारा कंधा चाहिए
जहाँ मैं अपना सर रख कर
थोड़ी देर के लिए दुनिया भूल जाऊँ
अगर मैं तुमसे कुछ माँगूँ
तो अपनी उंगलियाँ मेरी उंगलियों में पिरो देना
और यूँ थामना
जैसे वक़्त को रोक दिया हो
जैसे इस लम्हे के बाद
कुछ भी ज़रूरी ना हो
गले लगना तो इस तरह
कि दोनों के बीच
कोई फ़ासला ज़िंदा ना रहे
जैसे दो अधूरे अल्फ़ाज़
एक ही जुमला बन गए हो
वापस जाने की बात ना करना
उस लम्हे को लंबा होने देना
मेरी पलकों पर अपनी नज़र टिकाए रखना
ताकि मैं हर साँस के साथ
तुम्हें महसूस करता रहूँ
अगली बार जब तुम आओ
तो सिर्फ मेरे लिए आना
सिर्फ इसलिए कि तुम्हें भी
मेरे सीने की धड़कन में
अपना नाम सुनाई देता हो
और जब जाओ
तो अपनी खुशबू
मेरी रूह में उतार कर जाना
ताकि हर तन्हा रात में
मैं आँखें बंद करूँ
और तुम मुझे फिर से
बाहों में मिल जाओ।