Jhumke
▲ 1 r/shayri

Jhumke

तेरे कान के झुमके देखते है,,

उनमें फसी तेरे जुल्फें देखते है...!!

झुमके में सफेद हीरे है तेरे,,

हम उसे ठहर के देखते है...!!

चांद जैसा चमकता झुमका और,,

रुखसार हम दूर से देखते है...!!

कितना खूबसूरत झुमका है तेरा,,

हम तेरे सहेलियों को जलते देखते है...!!

झुमका तो बस सबब है आदि,,

हम तुझे हर जानिब से देखते है...!!

 

u/Odd_Ambassador_6483 — 43 minutes ago
▲ 8 r/HindiLanguage+1 crossposts

Ladki

जुल्फें बरगद की छांव सी शराब उसकी आँखें है

रोशनी उसका चेहरा है आयतें उसकी बातें हैं

चाँद के पेड़ सी गर्दन हैं काला तील कांधे पे एक

अगर हाथों से वो छू ले जिसको वो जन्नत भी ना मांगे देख

उसके दिल को कोई न जाना भी समन्दर से गहरी है नाभी

अक्सर काले रंग की वो उसके नीचे बांधे साड़ी

उसी से हवा महकती हैं पूरे शहर की

अंगूठे से बड़ी हैं उसकी दूसरी उंगली पैर की

ले ले मुझसे जो लेना पर उसे देखने का मौका ना छीन

असल में होती हैं कहा लड़कियां इतनी हसीन

u/Odd_Ambassador_6483 — 23 hours ago
▲ 2 r/Hindi

*तेरे इश्क़ का इकरार 🥀💞

​

दो जिस्म एक जान की ये बात सच कर दी तुमने,

रूह से रूह का रिश्ता कुछ यूँ अमर कर दी तुमने।

धड़कन तेरी, साँसें मेरी, अब फ़र्क कहाँ बाकी,

खुदा की रहमत से ये मोहब्बत मुकम्मल कर दी तुमने। ✨

*1.*

खुदा ने दुआ सुनी, हमें एक कर दिया,

तेरे नाम से ही मेरी तक़दीर भर दिया।

अब कमी किस बात की हो #हमनशीं,

जब तेरे बिना ये जहां बेमानी कर दिया।

*2.*

रूह तेरी, जान मेरी, ये कैसा करार हुआ,

तेरे इश्क़ में हमारा वजूद भी निसार हुआ।

नाम तेरा लबों पर, धड़कन में बस तू,

इश्क़ की किताब का सबसे हसीन इज़हार हुआ।

*3.*

अब तो साँस भी लें तो तेरा ज़िक्र आता है,

हर दुआ में रब से बस तेरा साथ माँगा जाता है।

दो जिस्मों की ये दास्ताँ यूँ ही सलामत रहे,

जब तक कायनात है, ये इश्क़ जवां रहे। 🥀

तेरे अल्फ़ाज़ों ने दिल की हर धड़कन को अपना बना लिया 😌💗

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u/Odd_Ambassador_6483 — 5 days ago
▲ 1 r/Hindi

Shadi

​

अपनी शादी का बुलावा मत देना #बेवफ़ा,

मैं आऊँगा नहीं... ये तमाशा देख नहीं पाऊँगा।

एक निवाले की बात करती हो तुम,

मैं तो साँस भी ना ले पाऊँगा तुम्हें बेगाना देखकर। 😔

सारी रात के फेरे, सात वचन, वो क़सम...

ये सब सुनने की हिम्मत कहाँ से लाऊँ?

आग की लपटों में तेरा हाथ किसी और के हाथ में,

ये मंज़र देखकर मैं ख़ुद ही जल जाऊँ। 🔥

तू कहती है बारात में नाचोगी, रुख़सती पर हँसोगी,

पर जानता हूँ मैं... वो हँसी भी झूठी होगी।

आँखों के आँसू दिल में समंदर बनकर,

तेरी हर मुस्कान को डुबो देंगे। 💔

खैर... सजना सँवरना तुम अपनी शादी के लिए,

कोई कसर मत छोड़ना मेरी तबाही के लिए।

बस दुआ है रब से एक ही मेरी,

तुम्हें वो खुशी मिले जो मुझसे ना मिल सकी।

और तेरा दिल... वो तो आज़ाद था ही हमेशा,

कैद तो मेरा हुआ था तेरे इश्क़ में।

तू बेफ़िक्र होकर नई दुनिया बसा ले,

मैं अपनी तन्हाई से ही वफ़ा निभा लूँगा। 🥺

*#IshqKaJanaaza #TootaDil #Bewafai #Dard-E-Mohabbat*

याद रखना, जो छोड़कर जाता है वो कभी तुम्हारा था ही नहीं। तुम इस दर्द से भी ज़्यादा खूबसूरत हो। अपने आप को समेटो... वक़्त सबसे बड़ा मरहम है। 🤍

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u/Odd_Ambassador_6483 — 10 days ago

Khubsurti

💙 खूबसूरती तो बाज़ार में आम मिल जाएगी,

पर ये अदा, ये नखरा, ये तेवर...

ये तो सिर्फ तुम्हारे पास ही मिलेगा।

​

दीवाने तो हम पहले ही हैं #darling,

अब देखना है तुम हमें कितना #तरसाती हो। 😏💙

u/Odd_Ambassador_6483 — 15 days ago

Brutality and Lust

Brutality and Lust:

You want to tie me with a thread of love, what do you mean, you want to turn this beast into a human.

I have a hunger for the body, what connection do I have with the soul, which pure love do you want to show me the way to.

My nature is only written to ruin, what do you want to prove by perishing over me?

It's an old habit of mine to prey on innocence, do you want to step into this hunter's trap yourself?

I tear apart the eyes that see colorful dreams, you want to decorate those very eyes with dreams of loyalty.

The sounds of crying and pleading are my peace, you want to celebrate your destruction at my hands.

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u/Odd_Ambassador_6483 — 30 days ago

वहशत और हवस

वहशत और हवस :

मोहब्बत के धागे से मुझे बांधना चाहती हो, क्या मतलब, इस दरिंदे को इंसान बनाना चाहती हो।

जिस्म की भूख है मुझे, रूह से मेरा क्या वास्ता, तुम किस पाक मोहब्बत का रास्ता दिखाना चाहती ही।

मेरी फितरत में सिर्फ बर्बाद करना लिखा है, तुम मुझ पर फना होकर क्या साबित करना चाहती हो

मासूमियत का शिकार करना मेरी पुरानी आदत है, तुम इस शिकारी के जाल में खुद आना चाहती हो।

नोच लेता हूँ मैं रंगीन ख्वाब देखने वाली आँखें, तुम उन्हीं आँखों में वफ़ा के ख्वाब सजाना चाहती हो।

रोने और गिड़गिड़ाने की आवाजें मेरा सुकूँ हैं, तुम मेरे हाथों अपनी बर्बादी का जश्व मनाना चाहती हो

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u/Odd_Ambassador_6483 — 1 month ago