
तुम शिव से बैरागी, मैं शक्ति सी अनुरागी।
शिव और शक्ति के बीच सिमटे हम दोनों।

शिव और शक्ति के बीच सिमटे हम दोनों।
Can someone please tell me what could be the most possible exam date? I need to apply leaves at my office before 2 months lmao. Please bata do, aaj EOD tak apply karna hai.
समुद्र की सात लहरें,
एक तुम्हारी,
दूसरी मेरी।
तीसरी,
हमारे बीच पसरी उस चुप्पी की
जो शब्दों से कहीं अधिक मुखर थी।
चौथी,
मेरे प्रेम की,
जिसने तुम्हारे हृदय तक पहुँचने का रास्ता
स्वयं ही तय कर लिया था।
पाँचवीं,
उस छुअन की
जो कल्पनाओं में तो जीवित रही,
पर कभी हक़ीक़त न बन सकी।
छठी,
तुम्हारी आँखों की उस झिझक की,
जो प्रेम तो करती रही,
पर हमारे मिलन का साहस
कभी जुटा न सकी।
और सातवीं
उस चरम दुःख की,
जब मैंने
अपने नाम के साथ तुम्हारा नाम लिखा,
और अगली ही लहर
उसे मिटाकर
अपने विशाल समुद्र में बहा ले गई।
और फिर भी,
मैं सोचती हूँ
उस विशाल समुद्र में
जब मेरे नाम का पहला अक्षर
तुम्हारे नाम के अंतिम अक्षर से टकराया होगा,
तो शायद
एक नया शब्द जन्मा होगा,
एक नया संसार रचा होगा,
जहां बस हम थे,
और लहरों के साथ,
साथ-साथ बहता हुआ
एक अनंत प्रेम।
~ तुम्हारी प्रेयसी
"कैसी हो?"
- अब तुम्हारी अनुपस्थिति के प्रेतों ने भी मेरा हाल पूछना बंद कर दिया है।
"शुरू से शुरू नहीं कर सकते?"
- कैसी शुरुआत?
"साथ चलने की"
- चली तो थी मैं साथ,
पर हर मोड़ पर मुड़कर देखा मैंने ही था,
तुमने कब थामा था मेरा हाथ?
"वो वक़्त अलग था"
- अब मैं अलग हूँ।
"तो क्या अब प्रेम नहीं है?"
- मैंने तो गीतों, कविताओं में उकेरा था न अपना प्रेम?
क्या तुमने सुना था?
क्या महसूस किया था मेरे प्रेम का स्पर्श?
"लौट आओ न"
- लौट कर कहाँ आऊँ?
जिस घर की देहरी पर मैं बरसों खड़ी रही,
वहाँ मेरे लिए दरवाज़ा ही कब खुला था?
"क्या अब प्रेम में मोल-भाव करने लगी?"
- तुम देवता थे मेरे,
जिसकी बंदगी का मैंने कभी कोई हिसाब नहीं रखा।
"क्या तुम्हारी नाराज़गी हमारे मिलन से ज़्यादा बड़ी है?"
- प्रिय,
तुम्हारी प्रतीक्षा में आँसुओं का नमक मेरे गालों पर जम गया है।
उनकी धारा से मेरी हथेलियों से तुम्हारा नाम मिट गया है।
"मेरे प्रेम को अस्वीकार कर रही हो?"
- अब मुझे कुछ भी स्वीकार नहीं,
चाहे वह घृणा हो,
चाहे प्यार।
"मुझे चाहिए संगम तुम्हारा"
- तुम्हें तो बंधन बेड़ियाँ लगते थे न?
तो मेरे प्रिय,
तुम्हें इस प्रेम-प्रसंग से आज़ाद किया।
"क्या बिछड़ना ज़रूरी है?"
- तुम्हारे हिज्र में और न मरूँगी,
प्रिय,
अब मैं न लौटूँगी।
"आख़िरी फ़ैसला है?"
- तुम्हारे लिए हृदय में अजर प्रेम लिए सालों डटी रहूँगी,
सालों बाद भी तुम्हारा नाम मेरी प्रार्थनाओं में चला आएगा।
पर प्रेम और लौट आना,
दोनों एक बात नहीं होते।
इसलिए मेरे प्रिय
ये जान लो,
अब मैं न लौटूँगी।
~ तुम्हारी प्रेयसी
The charisma he carried in Gulaal was something else. I liked Dukey and Prithvi's characters as well. What's your fav side/supporting character?
प्रेम में अभागी स्त्रियाँ सदैव छली गईं,
कभी तन से, कभी मन से, तो कभी हर जतन से।
वे केवल प्रेमिकाएँ ही रहीं,
जीवन-संगिनी होने का सुख नहीं भोग सकीं।
प्रेम में अभागी स्त्रियाँ अक्सर करती हैं सवाल।
कभी मीरा बनीं, तो कभी राधा,
और जब रुक्मिणी बनीं भी,
तो पूर्णता स्वीकारी नहीं गईं।
कभी सीता हुईं,
तो चरित्र सिद्ध करने महल छोड़ पड़ी,
तो कभी अहिल्या-सी
बेजान पत्थर बनी पड़ी रहीं।
कभी पिता और पति के बीच के असमंजस में
स्वयं को सती-सा अग्नि में झोंक दिया,
तो कभी अमृता-सी
ताउम्र प्रतीक्षा करती रहीं।
प्रेम में अभागी स्त्रियाँ अक्सर करती हैं सवाल।
खुद दर्द में कराहने से पहले
पूछती हैं साजन का हाल,
तो कभी पुरुष को वक्ष से लगाकर
संवार देती हैं उनके बिखरे बाल।
कभी घंटों स्वयं को संवारती हैं,
तो कभी त्याग देती हैं श्रृंगार,
आइने में कभी स्वयं की तुलना किसी दूसरी से करती हैं,
तो कभी स्वयं को कोई दूसरी बनती पाती हैं।
प्रेम में अभागी स्त्रियाँ
अक्सर करती हैं बस एक ही सवाल--
"प्रिय, तुम क्यों नहीं थाम पाए मेरा हाथ?"
~ तुम्हारी प्रेयसी
Like many of us this video suggested to me 2 weeks ago, I kept ignoring it. Thought of watching it while having lunch and finally completed it today. Bro yapped for a bit too long but that's fine. I like it when frustrated people yap xD.
तुम कहते हो, खुद को मेरे हवाले मत करो
पर मेरे प्रियतम, तुम्हारे साथ रच चुकी हूं मैं एक नया लोक, नई स्मृतियां और कुछ स्वपन।
तुम कहते हो आहिस्ता चलो
पर मेरे प्रियतम, मैं कर चुकी हूं 7 परिक्रमाएं तुम्हारे कांधे के तिल के।
मेरे प्रियम, तुम कहते हो मुझसे...समय हमें पास लाएगा
पर मैं तो कब का, मन की गीली मिट्टी पर लिख चुकी हूं तुम्हारा नाम।
तुम कहते हो खुद को मत खो मुझमें
पर मेरे प्रियत, तुम हो मेरा दूसरा संसार और मैं उसमें करती हूं दिन रात भ्रमण
तुम जो कहो वो सब सही,
तुम बनाओ मेरे मकान को एक घर और फिर एक उजाड़ जंगल, वो भी सही
तुम दो कदम बढ़ाओ या शून्य, वो भी सही
पर मेरे प्रियतम, मैं बेआवाज़ रो पड़ती हूं जब हाथ झटक के जाते हो तुम,
अपनी बातों में किसी और स्त्री का ज़िक्र लाते हो तुम।
~ तुम्हारी प्रेयसी
तुम कहते हो, खुद को मेरे हवाले मत करो
पर मेरे प्रियतम, तुम्हारे साथ रच चुकी हूं मैं एक नया लोक, नई स्मृतियां और कुछ स्वपन।
तुम कहते हो आहिस्ता चलो
पर मेरे प्रियतम, मैं कर चुकी हूं 7 परिक्रमाएं तुम्हारे कांधे के तिल के।
मेरे प्रियम, तुम कहते हो मुझसे...समय हमें पास लाएगा
पर मैं तो कब का, मन की गीली मिट्टी पर लिख चुकी हूं तुम्हारा नाम।
तुम कहते हो खुद को मत खो मुझमें
पर मेरे प्रियत, तुम हो मेरा दूसरा संसार और मैं उसमें करती हूं दिन रात भ्रमण
तुम जो कहो वो सब सही,
तुम बनाओ मेरे मकान को एक घर और फिर एक उजाड़ जंगल, वो भी सही
तुम दो कदम बढ़ाओ या शून्य, सब सही
पर मेरे प्रियतम, मैं बेआवाज़ रो पड़ती हूं जब हाथ झटक के जाते हो तुम,
अपनी बातों में किसी और स्त्री का ज़िक्र लाते हो तुम।
~ तुम्हारी प्रेयसी
Whenever I go to Mandi House, I return with a book and luckily I found this after searching it for a year at Sanjana aunty's book stall(real one knows who she is). And also met this kitten on my way back. Super excited to read this one, it's a memoir and dwells into the writer's mental struggles(hallucinations, paranoia and bipolar) and some haunting experiences.
The most haunting/interesting part is that after a few years of this book's publication Swadesh Deepak disappeared and was never found.
Will post a review in the comment thread whenever I finish this one.
Found this husky(can be a mixed husky too) at South Ex Part 2 Market, Delhi. Luckily I carry dog and cat treats w me so I gave it to her. She is very malnourished and hungry.
Can someone please help in her adoption?
Location: BSES office, South Ex Part 2.
Opposite to the Bon-Ton showroom there's a chai ki tapri she's there.
The chai wale uncle is very sweet please coordinate w him.
Attaching pictures in comments
Edit: The dog left after one hour and now she's not here. I'm trying to find her.
Found this husky(can be a mixed husky too) at South Ex Part 2 Market, Delhi. Luckily I carry dog and cat treats w me so I gave it to her. She is very malnourished and hungry. Can someone please help in her adoption?
Location: Opposite to the Bon-Ton(south ex part 2) showroom there's a chai ki tapri she's there.
The chai wale uncle is very sweet please coordinate w him.
Update: The dog is not here the feeder came around 2:30 last night and they couldn't find her. Chai wale uncle said she left after one hour, I tried looking for her she's not here.